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Foreign Universities in India UGC: भारत में खुलेगा विदेशी यूनिवर्सिटी कैंपस, विदेश पढाई करने नहीं जाना होगा छात्रों को

उन भारतीय छात्रों के लिए खुशखबरी है। जो छात्र अपनी पढ़ाई करने लिए अपने देश से बाहर जाया करते थे या उनको मजबूरन अपनी पढ़ाई पूरी करने बहार जाना पड़ता था। अब छात्र चाहें तो विदेश की पढ़ाई अपने देश में ही कर सकते है। UGC UNIVERSITY ग्रंड्स कमीशन विदेशी यूनिवर्सिटी को भारत में कैंपस बनाने का UGS गाइडलाइन्स अनुमति दे दिया है। अब विदेशी यूनिवर्सिटी अपनी मर्जी से अपना कैंपस भारत में बना सकते है UGC UNIVERSITY नियमों को मानते हुए।

विदेशी यूनिवर्सिटी का कैंपस भारत में जरूर रहेगा पर भारतीय स्टूडेंट्स को फैसिलिटी, सिलेबस, स्टडी, और क्लास प्रोग्राम,बिल्कुल वैसे ही मिलेगा जैसे विदेशी यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स को अपने देश में देता है। अब हर स्टूडेंट का सपना सच होगा विदेश का पढाई अपने देश ही कर पायेगे।

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यूनिवर्सिटी कैंपस कैसे बनेगा

UGC के चेयरमैन एम जगदीश कुमार ने 5 जनवरी 2023 को विदेशी यूनिवर्सिटी अपनी मर्जी से अपना कैंपस अनुमति दे दिया है। 2023 में विदेशी यूनिवर्सिटी भारत में आ कर अपना कैम्पस बना सकतें है एडमिशन ले सकते है। विदेशी यूनिवर्सिटी में एडमिशन के कुछ नियम भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा बनाया गया है जिसे विदेशी यूनिवर्सिटी और छात्र को मानना होगा।

विदेशी यूनिवर्सिटी के लिए नियम

  1. भारत में अभी विदेशी यूनिवर्सिटी को 10 साल तक का अनुमति दिया गया है वो अभी 10 साल तक अपना कैंपस लगा सकतें है।
  2. विदेश से फंड के रूप में आने और जाने वाला पैसा का हिसाब विदेशी मुद्राओं प्रबंधन अधिनियम के द्वारा होगा।
  3. भारत में विदेशी यूनिवर्सिटी में फिजिक्स क्लास टाइम प्रोग्राम अनुमति मिलेगा
  4. विदेशी यूनिवर्सिटी को ऑनलाइन या डिस्टेंस क्लास का अनुमति नहीं दिया जायेगा
  5. विदेशी यूनिवर्सिटी और भारतीय परिसरों प्रदान की जाने शिक्षा के गुण बराबर होना चाहिए
  6. विदेशी यूनिवर्सिटी को अपने Education या प्रोग्राम में कुछ बदलाव करने से पहले UGC से अनुमति लेना होगा
  7. विदेशी यूनिवर्सिटी  को 2 साल के अंदर भारत में अपना कैंपस स्थापित करना होगा और अंजुरी मिलने के बाद 45 दिनों के अंदर ऑपरेशनल  भी करना होगा

विदेशी यूनिवर्सिटी अपना नियम

इनके कुछ अपना नियम होगा जो की इनको भारतीय यूनिवर्सिटी के अलग बनाता है वो इन चीजों को अपनाएं रहेंगे। इसमें UGC किसी भी तरह का दखल नहीं देगा

  1. एजुकेशन अपने हिसाब से हाई सिलेबस रखेगा जो विदेश में चल रहा होगा और समय समय पर उसे बदलता भी रहेगा।
  2. एडमिशन से जुड़ा निर्णय विदेशी यूनिवर्सिटी खुद लेगा UGC इसमें कोई दखल नहीं देगा उनका कोई रोल नहीं होगा
  3. किसी भी तरह का कोई आरक्षण नहीं मिलेगा एडमिशन करने में
  4.  विदेशी यूनिवर्सिटी के कैंपस में फैसिलिटी, सिलेबस, स्टडी, और क्लास प्रोग्राम, बिल्कुल वैसे ही होगा जैसे विदेश में यूनिवर्सिटी कर रहा होगा

UGC विदेशी यूनिवर्सिटी को क्यों ला रही है

निति आयोग के पर्व सीईओ अमिताभ कान्त ने ट्विट करते कहा है कुछ आकडे साझा किये है। अमिताभ कान्त ने  कहा है की उच्च स्तर की पढाई करने विदेश में पढाई के लिए जाने वाले छात्रों की संख्यां 2024 तक बढ़कर 18 लाख हो जायेगा। और विदेश पढाई करने जा रहे छात्रों पर भारत सरकार की खर्च बढ़ कर 80 अरब डोलर हो जायेगा। इसी कारण UCG ने विदेशी यूनिवर्सिटी को भारत में कैंपस खोलने का नौमती दे रही है।